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फीडे ग्रैंडप्रिक्स R1:G2 - हरिकृष्णा की निगाहें टाईब्रेक पर

14/07/2019 -

लातविया के रिगा में चल रही फीडे ग्रांड प्रिक्स स्पर्धा में पहले नॉक आउट राउंड के दोनों मुक़ाबले अमेरिका के वेसली सो से ड्रॉ खेलते हुए भारत के पेंटाला हरिकृष्णा अब आगे बढ्ने के लिए टाईब्रेक पर निर्भर है । पहले राउंड के पहले मैच में रोमांचक एंडगेम ड्रॉ खेलने वाले हरिकृष्णा दूसरे मैच में सफ़ेद मोहोरो से खेलते हुए ओपन कॅटलन ओपनिंग में शुरुआत से ही काफी स्थिर और मजबूत नजर आए और बिना किसी बड़े उतार चढ़ाव के मैच ड्रॉ रहा । अब हरिकृष्णा और वेसली सो के बीच सबसे पहले रैपिड टाईब्रेक मुक़ाबला खेला जाएगा और अगर तब भी परिणाम नहीं आया तो फिर ब्लिट्ज़ के जरिये परिणाम निकालने की कोशिश की जाएगी । तो आज शाम 6 बजे हिन्दी चेसबेस इंडिया यूट्यूब पर देखे सीधा हिन्दी विश्लेषण !

बंगाल के निलाश और समृद्धा बने अंडर 17 राष्ट्रीय विजेता

13/07/2019 -

केरल के अर्नाकुलम में द चेस एसोसिएशन केरला से संबंद्ध फोर क्वीन चेस क्लब के आयोजन में अर्नाकुलम स्थित ओबरोन मॉल में 29 जून से 7 जुलाई तक 30वीं राष्ट्रीय अण्डर-17 ओपेन और बालिका वर्ग की शतरंज प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के ओपन वर्ग का खिताब दूसरे सीटेड खिलाड़ी बेस्ट बंगाल के नवागत आईएम निलेश शाह (2315) ने अपने बेहतरीन खेल से अपराजित रहते हुए 11 मैचों में 9.5 शानदार अंक अर्जित का अपने नाम कर लिया। वहीं बालिका वर्ग में विजेता का ताज प्रतियोगिता में चौथी वरियता प्राप्त खिलाड़ी बेस्ट बंगाल की समृद्धा घोष के सिर सजा। समृद्धा ने प्रतियोगिता में 11 मैचों में 8.5 बेहतरीन अंक अर्जित कर अंक आलिका में सबसे उपर काबिज हो गई। ओपेन वर्ग के पहले,दूसरे और तीसरे और बालिका वर्ग में पहले स्थान पर कब्जा जमाकर बेस्ट बंगाल के खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से पूरी प्रतियोगिता में डंका बजा दिया। प्रतियोगिता के ओपेन वर्ग में जहां 89 खिलाड़ियों ने वहीं गर्ल्स कैटेगरी में 55 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। पढ़े नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

फीडे ग्रैंडप्रिक्स R1:G1 - हरिकृष्णा का शानदार बचाव !

13/07/2019 -

फीडे ग्रैंडप्रिक्स के पहले दिन भारत के ग्रांड मास्टर पेंटाला हरीकृष्णा नें अपने रचनात्मक खेल के जरिये काले मोहरो से अमेरिकन दिग्गज वेसली सो को ड्रॉ पर रोककर अगले राउंड मे पहुँचने की अपनी उम्मीद को मजबूती से कायम रखा है । मैच मे अपने घोड़े के बलिदान से पहले हरीकृष्णा नें खेल को रोचक बनाया और फिर खरब हो रही स्थिति मे अपने वजीर के अच्छे खेल से मैच को आसान ड्रॉ बना दिया । तो आज जब वह अगले राउंड मे सफ़ेद मोहरो से वेसली के खिलाफ होंगे तो वेसली पर काले मोहरो से जीत का दबाव होगा क्यूंकी टाईब्रेक मे अगरमैच जाता है तो हरिकृष्णा का उनके खिलाफ अच्छा रिकार्ड सो को मुश्किल मे दाल सकता है । खैर पहले दिन ग्रैंडप्रिक्स के अधिकतर मुक़ाबले ड्रॉ रहे और सिर्फ फ्रांस के मेक्सिम लागरेव नें चेक गणराज्य के डेविड नवारा को हराकर एकमात्र जीत दर्ज की । पढे यह लेख

फीडे ग्रैंडप्रिक्स - क्या वेसली सो को मात देंगे हरिकृष्णा?

12/07/2019 -

विश्व शतरंज चैंपियन को चुनौती देने का एकमात्र तरीका फीडे कैंडीडेट चैंपियनशिप का जीतना है और कैंडीडेट तक पहुँचने का एक रास्ता फीडे ग्रांड प्रिक्स से होकर जाता है । भारत के पेंटाला हरिकृष्णा के लिए आने वाली तीन ग्रांड प्रिक्स बेहद अहम है क्यूंकी यंही से वह अपने सपनों का सफर तय कर सकते है । आज से रूस के पड़ोसी देश लातविया के रिगा शहर में इस वर्ष की दूसरी ग्रांड प्रिक्स में हरिकृष्णा अन्य 15 दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलते नजर आएंगे । पर बदले हुए फॉर्मेट में हरिकृष्णा को पहले ही राउंड में अमेरिकन दिग्गज वेसली सो से भिड़ना होगा और अगर उन्हे आगे जाना है तो दो गेम के इस मुक़ाबले में उन्हे जीत दर्ज करते हुए वेसलों को प्रतियोगिता से बाहर करना होगा । क्या हरिकृष्णा ऐसा कर सकेंगे ?

पढे यह लेख .

क्या है कार्लसन की लगातार जीत के मायने ?

11/07/2019 -

मेगनस कार्लसन अपने खेल जीवन के एक और बेहतर दौर में प्रवेश कर चुके है और इस बार वह और ज्यादा अपराजित नजर आते है । क्रोशिया ग्रांड चैस टूर का खिताब अपने नाम करते हुए उन्होने लगातार आठवाँ विश्व खिताब अपने नाम कर लिया । पर यह सब कुछ यूं ही नहीं हो रहा इसके पीछे मेगनस की खुद को और बेहतर करने की इच्छा और जीतने की भूख होना दो अहम बाते है । जब पिछली दो विश्व चैंपियनशिप का परिणाम टाईब्रेक से निकला तो दुनिया में उनकी काफी आलोचना हुई पर अगर हम उनके पिछले दो प्रतिद्वंदियों कार्याकिन और कारुआना के मौजूदा प्रदर्शन की तुलना उनसे करे तो यह बात साफ हो जाती है की कार्लसन के आगे वह कहीं नजर नहीं आते । मेगनस कार्लसन को क्या कोई भविष्य में चुनौती दे सकेगा फिलहाल यह विश्वास किसी में भी नजर नहीं आता । खैर ग्रांड चैस टूर की उनकी यह जीत एक बार फिर खास रही वही भारत के विश्वनाथन आनंद इस प्रतियोगिता में 9 ड्रॉ खेलकर रक्षात्मक रहे । विश्व शतरंज चैंपियनशिप में करूआना से जीतने के बाद उनकी और करुआना के बीच रेटिंग का अंतर जी की ना के बराबर था आज बढ़कर तकरीबन 65 अंक हो चुका है और जिस तेजी से वह यह अंतर बढ़ा रहे है । यह सवाल भी सामने आने लगा है की क्या वह शतरंज इतिहास के अब तक के सबसे बड़े खिलाड़ी है ? पढे यह लेख

अभिजीत और तानिया बने कॉमनवैल्थ 2019 विजेता

08/07/2019 -

जैसा की उम्मीद थी लगभग वैसा ही हुआ और भारत नें कॉमनवैल्थ शतरंज चैंपियनशिप में क्लीन स्वीप कर दिया । कुल 9 देशो के प्रतिभागियों के बीच भारत का महा शक्तिशाली नजर आ रहा दल अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप अदने नजर आ रहे है प्रतिद्वंदियों पर भारी पड़ा और सिर्फ तीन स्थान नहीं शुरुआत के 32 स्थान तक भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा रहा । मतलब 33 वे स्थान पर बोत्सवाना के खिलाड़ी रहे खैर अगर आप बात करे भारतीय खिलाड़ियों की तो इसे काफी कठिन प्रतियोगिता कह सकते है है । ऐसे मे इसे जीतना बिलकुल आसान नहीं कहा जाएगा । पर पूर्व विश्व जूनियर चैम्पियन अभिजीत गुप्ता नें इसे 5 वी बार जीतकर एक नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया । महिला वर्ग में तानिया सचदेव अंततः लगातार दूसरी बार और कुल मिलाकर तीसरी बार खिताब अपने नाम करने में कामयाब रही । मुख्य वर्ग में महिला और पुरुष वर्ग मिलाकर कुल 9 देशो के 94 चुने हुए खिलाड़ियों नें प्रतिभागिता की ।

हैनान इंटरनेशनल – जीत के साथ विदित नें किया समापन

07/07/2019 - दानझाऊ, चीन में सुपर ग्रांड मास्टर शतरंज चैंपियनशिप में भारत के युवा खिलाड़ी विदित गुजराती नें अपने खराब प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए अंतिम राउंड में खिताब के प्रबल दावेदार चीन के हाउ वाङ को पराजित कर दिया । इस जीत के साथ विदित गुजराती नें अपने आप को 2700 रेटिंग से अधिक का खिलाड़ी बनाए रखा है । इस जीत से विदित ने अपने इस टूर्नामेंट को 2705  रेटिंग के साथ खत्म किया । विदित नें सात राउंड की इस प्रतियोगिता में 2 जीत दर्ज की तो  उन्हें दो हार का सामना भी करना पड़ा तीन मुकाबले ड्रा रहे। आपको बता दे की विदित 2700 रेटिंग हासिल करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय खिलाडी बने थे और उनका यह रिकॉर्ड आज भी कायम है। पढे यह लेख 

ग्रैंड चैस टूर - आनंद के सामने अब वापसी की चुनौती

06/07/2019 -

क्रोशिया ग्रैंड चैस टूर भारत के पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद के लिए अब तक मुश्किलों भरा रहा है और 9 राउंड में अब तक उनके हाथ एक भी जीत नहीं लगी है । पहला मुकाबला रूस के इयान नेपोमनियाची से हारने के बाद उन्होंने लगातार सात मुकाबले ड्रा खेले और  अब नौवा मुकाबला वह अजरबैजान के शकिरयर मामेद्यारोव से पराजित हो गए है ।  हालाँकि आठवे राउंड में उनके पास विश्व नंबर 2 अमेरिका के फबियानो करुआना को पराजित करने के बेहद शानदार मौका था पर वह उसका फायदा नहीं उठा सके । भारत के लिए चिंता की बात यह है की इस हार से आनंद विश्व लाइव विश्व रैंकिंग में शीर्ष 10 से बाहर हो गए है और 13 वे स्थान पर पहुँच गए है पिछले 16 साल में यह आनंद की सबसे कम एलो रेटिंग है ।  अप्रैल 2003 के बाद यह पहला मौका है जब आनंद की रेटिंग 2760 अंक के बीचे 2757 पर पहुँच गयी है ।  खैर अभी 2 राउंड बाकि है और आनंद से वापसी की पूरी उम्मीद है उन्हें अब रूस के सेर्गी कार्याकिन और  अमेरिका के हिकारू नाकामुरा से अपना मुकाबला खेलना है ।  पढ़े यह लेख। 

 

कॉमनवैल्थ 2019: अपराजित अभिजीत सबसे आगे

04/07/2019 -

देश की राजधानी नई दिल्ली में दिल्ली शतरंज संघ के आयोजन में 30 जून से 7 जुलाई तक होने वाली कॉमनवेल्थ चेस चैम्पियनशिप का आयोजन दिल्ली के द लीला एम्बिनेस होटल में हो रहा है। अपने शानदार शतरंज प्रतियोगिताओं के आयोजन से शतंरज के विश्व पटल पर स्थापित होकर शतरंज प्रेमियों के दिल में जगह बना चुके दिल्ली शतरंज संघ इस बेहतरीन आयोजन की सफलता को लेकर पूरी तन्मयता से लगा हुआ है। 10 लाख की पुरस्कार राशि वाली कुल आठ वर्गों में होने वाली इस प्रतियोगिता के ओपेन वर्ग में 9 राउण्ड और सात आयु वर्गों में 7 राउण्ड के मैच खेले जाएगे। ओपेन वर्ग में छह राउण्ड की समाप्ति के बाद प्रतियोगिता के शीर्ष वरियता खिलाड़ी और चार बार के कॉमनवेल्थ चैम्पियन दिल्ली के अभिजीत गुप्ता (2606) ने अपराजित रहते हुए 5.5 अंक अर्जित कर अंक तालिका में पहले स्थान पर काबिज हो गए है। वहीं दूसरे स्थान पर 5 अंक बनाकर संयुक्त रूप से एरगासी अर्जुन व एम आर ललित बाबू चल रहे है। शीर्ष पर चल रहे अभिजीत गुप्ता की बेहतरीन जीत तीसरे राउण्ड में शतरंज के सभी फॉर्मेट में विजेता बने अरविंद चितंबरम के खिलाफ है। प्रतियोगिता में महिला ग्रांडमास्टरभक्ति कुलकर्णी, अपराजित रहते हुए 4.5 अंक बनाकर अंकतालिका में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर चल रही हैं और महिलाओ मे पहले स्थान पर है पढ़े नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

क्रोशिया ग्रैंड चेस टूर - आनंद नें खेला लगातार 5वा ड्रा

02/07/2019 -

ग्रांड चेस टूर के छठे मुक़ाबले में भारत के विश्वनाथन आनंद नें प्रतियोगिता में अपना लगातार पाँचवा ड्रॉ खेला । प्रतियोगिता के पहले मैच में ही आनंद को रूस के नेपोमनियची से हार का सामना करना पड़ा था और ऐसे में उन्हे अगला मुक़ाबला विश्व चैम्पियन मेगनस कार्लसन से खेलना पड़ा पर आनंद नें ना सिर्फ कार्लसन से ड्रॉ खेला बल्कि उसके बाद अर्मेनिया के लेवान अरोनियन से , अमेरिका के वेसली सो से , फ्रांस के मेक्सिम लागरेव से और नीदरलैंड के अनीश गिरि से ड्रॉ खेला ।  11 राउंड की प्रतियोगिता मे अब तक छह राउंड के बाद नॉर्वे के विश्व चैम्पियन मेगनस कार्लसन , रूस के नेपोमनियची और अमेरिका के वेसली सो 4 अंक बनाकर सयुंक्त बढ़त पर चल रहे है आनंद फिलहाल 2.5 अंको पर है और देखना होगा की वह अंतिम 5 राउंड में क्या कुछ आक्रामक रुख अपनाएँगे । पढे यह लेख

मुंबई मेयर कप -तजाकिस्तान के ओमाण्टोव बने विजेता

30/06/2019 -

भारतीय ग्रीष्मकालीन शतरंज के इंटरनेशनल टूर्नामेण्ट के दूसरे पड़ाव 12वीं मुंबई मेयर कप इंटरनेशनल ओपेन चेस टूर्नामेण्ट का समापन बीते 17 जून को हो गया। वीनस चेस एकेडमी के आयोजन में मुंबई के मांउट लिट्रा स्कूल इंटरनेशनल में हुए इस टूर्नामेण्ट के ए कैटेगरी का खिताब टाइब्रेक के आधार पर ताजिकिस्तान के ग्रांडमास्टर अमानटोव फारुख (2624) ने 10 राउण्ड के मैच में 8 अंक हासिल कर अपने नाम कर लिया। हालांकि उनकी रेटिंग और परफार्मेस रेटिंग में कोई खास अंतर नहीं रहा। पूरी प्रतियोगिता में अमानटोव फारूख ने अपराजित रहते छह मैचों में जीत दर्ज की और चार मैच में उन्हें ड्रा हासिल हुआ। विजेता बनने पर उन्हें एक शानदार ट्रॉफी के साथ तीन लाख तीस हजार रुपये पुरस्कार स्वरुप मिले। बात करें भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तो ग्रांडमास्टर आर आर लक्ष्मण 7.5 अंक बनाकर अंकतालिका में 10वें स्थान पर आने में सफल रहे। अंतिम के दो राउण्ड में दो ग्रांडमास्टरों पर उनकी जीत बेहद अहम रही। पढ़े नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

अर्मेनिया के सहकयान समवेल बने गोवा इंटरनेशनल के विजेता

30/06/2019 -

भारत के ग्रीष्मकालीन इंटरनेशनल शतरंज टूर्नामेंट की आखिरी कड़ी गोवा इंटरनेशनल शतरंज चैंपियनशिप का भव्य समापन गोवा के डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में गोवा के मुख्यमंत्री माननीय प्रमोद सावंत की उपस्थिति में संपन्न हुआ ।साथ ही साथ अखिल भारतीय शतरंज के भी अधिकतर पदाधिकारी कार्यक्रम में शिरकत करने वहां पहुंचे । गोवा इंटरनेशनल नें अपने दूसरे संस्करण में ही कई मायनों में भारत के सबसे बेहतरीन ग्रैंडमास्टर शतरंज टूर्नामेंट होने का तमगा हासिल कर लिया  । कारण साफ़ है की ग्रैंडमास्टरों की अधिकतम प्रतिभागिता , उन्हें दी जाने वाली सुविधाए और बेहतरीन आयोजन स्थल नें खिलाडियों को अच्छा खेलने के लिए प्रेरित किया ।इस बीच अर्मेनिया के सहकयान समवेल नें ख़िताब अपने नाम किया । नुबेरशाह शीर्ष भारतीय खिलाडी रहे तो डी गुकेश , देबाशीष दास और अनुज श्रीवात्री शीर्ष 15 में शामिल भारतीय खिलाडी रहे . चेसबेस इंडिया नें प्रतियोगिता के दौरान अप्पको हर खबर से परिचित कराया पढ़े यह लेख .

गोवा इंटरनेशनल - 7 भारतीय खिलाड़ियों को मिले नार्म

25/06/2019 -

गोवा इंटरनेशनल नें इस बार अपने आयोजन को हर मायने मे बेहतर किया है और प्रतियोगिता के पहले ही वर्ग के लिए बनाए गए उनके नियमों का असर 9 राउंड की समाप्ति पर दिखाई भी दिया । इस बार 1900 रेटिंग से कम के खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में अनुमति ना देना इसके नार्म की संभावना को बढ़ा रहा था और परिणाम ये आया की सात भारतीय खिलाड़ियों नें इस दौरान इंटरनेशनल नार्म हासिल का लिए और इस बात नें भी इसे वर्ष का सबसे सफल ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट बना दिया । प्रतियोगिता में पहले ही दो खिलाड़ी मित्रभा गुहा और संकल्प गुप्ता इंटरनेशनल मास्टर बन चुके है और अब अनुज श्रीवात्रि ,के प्रियांका ,आरएस रथनवेल , नीलेश सहा ,मित्रभा गुहा ,आर्यन वर्षने को इंटरनेशनल मास्टर नार्म और साइना सोनालिका को वुमेन इंटरनेशनल मास्टर नार्म हासिल हुआ ।

गोवा इंटरनेशनल R 8 – रोमांचक होती जंग !

24/06/2019 -

गोवा इंटरनेशनल शतरंज चैंपियनशिप में सातवे और आठवे राउंड के मुक़ाबले के दौरान काफी उतार चढ़ाव देखने को मिले । अर्मेनिया के ग्रांड मास्टर पेट्रोसियन मेनुएल नें अपने अपराजित रहने के रिकार्ड को बरकरार रखते हुए 7 अंको के साथ एकल बढ़त कायम रखी है । सातवे  राउंड मे उन्होने पहले हमवतन सहकयान समवेल के साथ ड्रॉ खेला और फिर भारत के इनियान पी को आठवे राउंड में हराते हुए खिताब की ओर अपने कदम बढ़ा दिये है हालांकि अभी दो राउंड बाकी है और उन्हे अपने इसी प्रदर्शन को बरकरार रखना होगा । आज भारत के शीर्ष बोर्ड पर खराब दिन बीता और उसके अधिकतर शीर्ष खिलाड़ी हार गए । हालांकि भारत के नीलेश सहा और अनुज श्रीवात्रि ग्रांडमास्टर के उपर जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ी रहे । पढे यह लेख