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इंटरव्यू :आर्यन चोपड़ा एक रचनात्मक ग्रांडमास्टर

by Niklesh Jain - 12/07/2020

भारत के युवा ग्रांड मास्टर की सूची मे आर्यन चोपड़ा का नाम एक रचनात्मक खिलाड़ी के तौर पर पहचाना जाने लगा है । 14 वर्ष और 9 माह की उम्र मे 2016 मे जब वह ग्रांड मास्टर बने थे तब वह भारत के चौंथे सबसे युवा ग्रांड मास्टर बने थे ओर तब से लेकर अब तक आर्यन लगातार अपने खेल को बेहतर करते हुए 2600 रेटिंग के बेहद करीब पहुँच गए है और फिलहाल 2585 रेटिंग पर है । हिन्दी चेसबेस इंडिया यूट्यूब चैनल नें कुछ दिन पहले उनसे बातचीत की और उनके खेल जीवन के कुछ सबसे बेहतरीन मुकाबलों को उनके द्वारा ही जाना । हिन्दी चेसबेस इंडिया चैनल पर आप उनके द्वारा दिखाये गए मुकाबलों को पूर्ण विश्लेषण के साथ ।  

( सभी तस्वीरे आर्यन चोपड़ा के सौजन्य से )

कहते है पूत के पाँव पालने मे ही दिखने लगते है वैसे तो यह एक भारतीय पुरातन कहावत है पर कई बार यह सही साबित होती है । ग्रांड मास्टर आर्यन चोपड़ा के लिए हम इसे बिलकुल सही मान सकते है ।

बचपन से ही आर्यन मे शतरंज की प्रतिभा साफ दिखने लगी थी और ऐसे मे उनके अभिभावकों राजीव और ममता चोपड़ा नें उन्हे खेल की महारत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करने शुरू कर दिये 

आज से 11 वर्ष पहले कटनी के सायना इंटरनेशनल ओपन मे उन्हे मैंने पहली बार देखा था और तब भी वह खेल के प्रति उतने ही समर्पित थे 

चार देशो के खिलाड़ियों के साथ हुए सायना ओपन 2009 मे आर्यन अंडर 9 के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी थे 

14 वर्ष 9 माह की उम्र मे बने थे ग्रांड मास्टर 

आर्यन नें अपना पहला इंटरनेशनल मास्टर नार्म 11 वर्ष और 8 माह की उम्र मे हासिल कर लिया था और आर्यन 2016 मे ग्रांड मास्टर बने थे और तब से वह लगातार खुद को बेहतर करते जा रहे है 

आर्यन के  लगातार खुद को बेहतर करने का गवाह उनका यह प्रोग्रेस चार्ट है जो इसकी कहानी खुद कह रहा है 

अपने शानदार खेल के कारण 2017 मे14 नवंबर को उन्हे राष्ट्रीय चाइल्ड पुरुष्कार से स्वयं महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द ने प्रदान किया था 

हिन्दी चेसबेस इंडिया के साथ खास सीरीज - इसमें हमने आर्यन के साथ उनके तीन बेहतरीन मैच रेकॉर्ड किए थे 

मुक़ाबला जिसमें इंजन भी नहीं पकड़ पाया चाल 

इस मैच के बारे मे आर्यन बताते है की कैसे जब इंजन उनके एक एक्स्चेंज सेक्रिफ़ाइस को नहीं पकड़ पाया था 

देखे इस मैच का पूर्ण विश्लेषण खुद आर्यन से 

वो मैच जिसे जीतकर बने ग्रांड मास्टर 

आर्यन चोपड़ा नें हमसे अपना वह मैच भी साझा किया जब उन्होने आबू धाबी मास्टर्स के 2016 के संस्करण मे अर्मेनिया के दिग्गज खिलाड़ी सहकायन समवेल को मात देते हुए अपना अंतिम ग्रांड मास्टर नार्म हासिल किया था 

देखे यह विडियो भी हिन्दी चेसबेस इंडिया चैनल और सबस्क्राइब करे 

आर्यन के उपर हमारी यह सीरीज जारी रहेगी जुड़े हिन्दी चेसबेस इंडिया चैनल से 

 

 

 


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